उज्जैन, 2 अक्टूबर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संदेश है कि हम अपने लोकल उत्पादों को बढ़ावा दें और हस्तशिल्प, हथकरघा के उत्पादों को एक्सपोर्ट लेवल तक ले जाएं। उज्जैन की स्वस्तिक महिला उद्योग संस्था इसी कार्य में निरंतर लगी हुई है और कई महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी है।
संस्था मुख्यमंत्री का भी धन्यवाद करती है, जिनका संस्थान को पूरा सहयोग मिला है।संस्था की श्रीमती प्रीति, वैशाली और ज्योति ने बताया कि संस्था ने 3 लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसे समय पर सफलतापूर्वक लौटा दिया गया है।
हथकरघा विभाग द्वारा ब्लॉक प्रिंट का टूल किट भी प्रदान किया गया।मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध शासकीय मृगनयनी एम्पोरियम (बाबा खड़क सिंह मार्ग, दिल्ली) को निरंतर साड़ी, सूट, गाउन और बेडशीट की आपूर्ति करते हुए इस संस्था ने 7 अंतरराष्ट्रीय मेलों में भागीदारी की है।
इनमें दुबई, मैक्सिको, मिलान और बारी, इटली सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित मेले शामिल हैं।संस्था की महिलाओं को महिला एवं बाल विकास विभाग, वस्त्र मंत्रालय और एमपी लघु उद्योग निगम द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है।
संस्था को एक्जिम बैंक द्वारा 22 मशीनें प्रदान की गई हैं, जिन पर महिलाएं हैंडीक्राफ्ट बैग, एम्ब्रॉयडरी और क्विल्टिंग का कार्य कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।संस्था ने एक छोटा-सा स्टोर भी खोला है, जिसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न उत्पादों को शोकेस किया जाता है।
यह स्टोर 8/1, कमला नेहरू मार्ग, फ्रीगंज, उज्जैन में स्थित है।संस्था द्वारा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से करीब 2,000 से 2,500 महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया गया है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

