उज्जैन, 4 अक्टूबर। नागदा निवासी माया चौहान का 2 वर्षीय बेटा रुद्राक्ष काफी कमजोर था। न तो उसकी लंबाई बढ़ रही थी और न ही वजन। एक दिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उनके घर भेंट करने आईं तो पता चला कि उनका बेटा कुपोषित है। इसी कारण वह अक्सर बीमार रहता था।आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर रुद्राक्ष को एनआरसी में भर्ती किया गया।
यहां उसे 14 दिन रखकर व्यवस्थित पोषण आहार दिया गया तथा माया को सिखाया गया कि ऐसे बच्चों को किस प्रकार का आहार दिया जाना चाहिए।रुद्राक्ष कुपोषण से बाहर आ गया है और अब उसकी व्यवस्थित वृद्धि हो रही है। कुपोषण से मुक्ति जैसी योजना चलाने के लिए माया चौहान राज्य शासन एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद करती हैं।

