उज्जैन के ताजपुर औद्योगिक क्षेत्र में लगी एक कच्ची घानी तेल इकाई अब एक परिवार की कमाई का जरिया भर नहीं रही। वेदनगर निवासी प्रकाश पुरोहित ने वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत यह इकाई शुरू की थी। आज इसी इकाई में 10 से 12 लोगों को नियमित काम मिल रहा है।

इकाई का नाम ऑर्गायु लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड है। इसे खड़ा करने में कुल लागत करीब 10 लाख रुपए आई, जिसमें से 3.50 लाख रुपए का अनुदान योजना के तहत मिला। यानी शुरुआती पूंजी का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा सरकारी सहायता से पूरा हुआ।

हर महीने 1,500 लीटर से ज्यादा तेल

इकाई में इस समय हर महीने करीब 1,500 से 1,600 लीटर कच्ची घानी का शुद्ध तेल तैयार हो रहा है। बाजार में इस तेल का भाव करीब 300 से 350 रुपए प्रति लीटर है, जिससे मासिक विक्रय मूल्य लगभग 4.50 से 5.50 लाख रुपए तक पहुंच जाता है।

कच्चा माल, मजदूरी, बिजली और दूसरे खर्च निकालने के बाद उद्यमी को हर महीने करीब 1.50 से 2 लाख रुपए की शुद्ध आय हो रही है। इस हिसाब से इकाई से सालाना शुद्ध आय करीब 18 से 20 लाख रुपए तक बैठ रही है। यह आंकड़ा जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है।

स्वरोजगार से रोजगार तक

इकाई की सबसे बड़ी बात यह है कि इसने आसपास के लोगों को भी काम दिया है। फिलहाल यहां 10 से 12 व्यक्ति नियमित रूप से काम कर रहे हैं। स्थानीय युवाओं को इसके लिए अपना क्षेत्र छोड़कर कहीं बाहर नहीं जाना पड़ रहा।

कच्ची घानी से तैयार शुद्ध तेल की मांग स्वास्थ्य के प्रति सजग उपभोक्ताओं के बीच बढ़ रही है। योजना के अनुदान से पुरोहित को औपचारिक इकाई खड़ी करने, उत्पादन शुरू करने और बाजार से जुड़ने में मदद मिली। प्रशासन इसे सेवा संकल्प अभियान के तहत योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उदाहरण के रूप में सामने रख रहा है।

आवेदन कैसे करें

जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग ने पात्र और इच्छुक उद्यमियों से PMFME सहित अन्य विभागीय योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाने का आह्वान किया है। इच्छुक लोग जिला उद्यानिकी कार्यालय जाकर या विभागीय पोर्टल के जरिए योजना की शर्तें, अनुदान की सीमा और आवेदन की प्रक्रिया समझ सकते हैं और वहीं से आवेदन कर सकते हैं।