छिंदवाड़ा जिले के चंदनगांव की रहने वाली श्रीमती रश्मि पटवा के लिए अपने स्वयं के व्यवसाय की शुरुआत केवल एक दुकान खोलने की पहल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गृहणी के रूप में परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए उनके मन में अपना व्यवसाय शुरू करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की इच्छा थी, लेकिन इसके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों का अभाव एक चुनौती था।
इसी बीच जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा आयोजित शिविर के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिली। योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद श्रीमती रश्मि ने अपने व्यवसाय के सपने को आकार देने की दिशा में कदम बढ़ाया और जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र से संपर्क किया। योजना के अंतर्गत पंजाब नेशनल बैंक, लालबाग छिंदवाड़ा के माध्यम से उन्हें ₹5 लाख का ऋण प्राप्त हुआ।
इस वित्तीय सहायता का उपयोग उन्होंने अपना जनरल स्टोर स्थापित करने तथा दुकान के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने में किया। सपना बना हकीकत - गृहणी श्रीमती रश्मि पटवा ने चंदनगांव में अपना जनरल स्टोर शुरू किया, जहां चूड़ी, बिंदी, एसेसरीज सहित दैनिक उपयोग की विभिन्न आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उनकी दुकान ने न केवल उनके लिए आय का एक नया माध्यम तैयार किया, बल्कि आसपास के लोगों के लिए आवश्यक वस्तुओं की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता भी सुनिश्चित कर रही है। व्यवसाय के सफल संचालन से श्रीमती रश्मि को वर्तमान में लगभग ₹20,000 प्रतिमाह का लाभ प्राप्त हो रहा है। अपने व्यवसाय के साथ-साथ वे एक अन्य युवती को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
बदली सोच, बदली पहचान - मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिली वित्तीय सहायता ने श्रीमती रश्मि पटवा के लिए स्वरोजगार का रास्ता खोला। एक गृहणी के रूप में परिवार की जिम्मेदारियां निभाने वाली श्रीमती रश्मि आज अपने व्यवसाय की जिम्मेदारी भी स्वयं संभालते हुए परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।
श्रीमती रश्मि पटवा की कहानी उन सभी गृहणियों के लिए प्रेरणादायक बदलाव की ऐसी कहानी है, जिसमें एक गृहणी को शासन की योजना से मिली मदद से अपने सपनों को व्यवसाय में बदलने का अवसर मिला और उन्होंने उस अवसर को उद्यमिता की नई पहचान में बदल दिया।

