उज्जैन 02 अक्टूबर। स्वच्छता यानी साफ-सफाई स्वस्थ जीवन की कुंजी है, जो हमें बीमारियों से बचाती है। यह उद्गार कृषि विज्ञान केंद्र, उज्जैन के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ए. के. दीक्षित ने स्वच्छता अभियान पखवाड़ा के समापन अवसर पर व्यक्त किए। केंद्र में यह पखवाड़ा 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक मनाया गया।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता, जैसे नियमित रूप से हाथ धोना, और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखना — दोनों ही हमारे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं।कार्यक्रम की नोडल अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रेखा तिवारी ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान जैसे प्रयास समाज में स्वच्छता की भावना को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने जनजागृति के माध्यम से सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। साथ ही खेती में नरवाई न जलाने तथा फसल अवशेषों से जैविक खाद बनाने की व्यावहारिक विधियाँ बताईं।
उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाकर स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवन जीने के विभिन्न तरीके भी समझाए और रसायन-मुक्त सब्जियों के लिए घर-आँगन में पोषण वाटिका बनाने हेतु प्रेरित किया।अभियान के अंतर्गत प्रतिभागियों को अपने आसपास के परिसर को स्वच्छ रखने तथा व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र परिसर के साथ-साथ उज्जैन के अंगीकृत ग्रामों में भी आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 335 से अधिक कृषक, कृषक महिलाएँ तथा छात्र-छात्राएँ लाभान्वित हुए।