उज्जैन के वीर भारत संग्रहालय में चल रहे रेस्टोरेशन कार्य को लेकर गुरुवार को मौके पर ही समय-सीमा तय कर दी गई। उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा जैन ने संग्रहालय पहुंचकर निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और ठेकेदार को सात दिन के भीतर बताए गए सभी सुधार कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया गया। ठेकेदार को साइट की साफ-सफाई करने और डिस्मेंटलिंग यानी तोड़-फोड़ से निकली सामग्री को तत्काल वहां से हटाने के लिए कहा गया, ताकि काम की जगह खुली और व्यवस्थित रहे।

नमी और ड्रेनेज पर सबसे ज्यादा जोर

निरीक्षण में सबसे अहम मुद्दा फ्लोरिंग में आ रही नमी का रहा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने निर्देश दिए कि नमी आने के कारणों का परीक्षण किया जाए और उसके बाद आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराया जाए। पुरानी इमारतों के संरक्षण में नमी को सबसे संवेदनशील बिंदु माना जाता है, इसलिए इसे कारण की पहचान के साथ ठीक करने को कहा गया।

इसके साथ ही भवन की ड्रेनेज लाइन की जांच कर उसे खोलने और सुचारु करने के निर्देश दिए गए। भवन के बाहर बनी ओपन ड्रेन्स की भी जांच कर जरूरी सुधार कार्य करने को कहा गया। यानी पानी की निकासी भीतर और बाहर, दोनों तरफ से दुरुस्त की जानी है।

नींव की जांच का प्रस्ताव

निरीक्षण के दौरान अधीक्षण यंत्री श्री आर.के. जैन ने प्रस्ताव रखा कि बारिश के बाद भवन की नींव की स्थिरता जांचने के लिए करीब एक से डेढ़ मीटर गहरा पिट खोदकर नींव की स्थिति का परीक्षण किया जाए। यह फिलहाल एक प्रस्ताव है, जिस पर आगे निर्णय होना है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत चल रहे सभी निर्माण और रेस्टोरेशन कार्यों में गति और गुणवत्ता, दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए तथा हर काम की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के समय स्मार्ट सिटी की पूरी तकनीकी टीम मौके पर मौजूद रही।

तय समय-सीमा के हिसाब से सफाई, मलबा हटाने, नमी और ड्रेनेज से जुड़े सुधार कार्यों की स्थिति अगले सप्ताह तक सामने आनी है। संग्रहालय में रुचि रखने वाले शहरवासी इसी आधार पर काम की प्रगति पर नजर रख सकते हैं।